देहरादून। वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने उत्तराखंड को 16.39 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नई दिल्ली में गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
राज्य में पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी, देहरादून, अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल जिले वनाग्नि की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में चीड़ के जंगलों की अधिकता के कारण गर्मियों में आग तेजी से फैलती है। वन विभाग ने इन जिलों में आग नियंत्रण के लिए अतिरिक्त संसाधनों और प्रबंधन उपायों हेतु पिछले वर्ष एनडीएमए को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर अब मुहर लग गई है।
बैठक में उत्तराखंड सहित 10 अन्य राज्यों में वनाग्नि नियंत्रण कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि नियंत्रण) सुशांत पटनायक के अनुसार, राज्य को वनाग्नि प्रबंधन कार्यों के लिए 16 करोड़ से अधिक की राशि एनडीएमए से प्राप्त होगी, जबकि 2.39 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
इस राशि का उपयोग संवेदनशील जिलों में उपकरण, त्वरित कार्रवाई दल (QRT), जागरूकता अभियान और अन्य आवश्यक संसाधन मजबूत करने में किया जाएगा, ताकि फायर सीजन में जंगलों को नुकसान से बचाया जा सके।
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