प्रशासन की सख्ती पर निजी स्कूल संचालकों का विरोध, विवाद बढ़ा
बागेश्वर। बागेश्वर जिले में निजी स्कूलों पर प्रशासन की सख्ती के बाद विवाद गहराता जा रहा है। हाल ही में सात बड़े निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद स्कूल संचालक एकजुट हो गए हैं और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। निजी स्कूल एसोसिएशन ने इस कार्रवाई को माहौल खराब करने वाला कदम बताते हुए प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
दरअसल, जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की थी। माना जा रहा था कि इस कदम के बाद स्कूल प्रबंधन नरम रुख अपनाएंगे, लेकिन इसके उलट उन्होंने विरोध तेज कर दिया। हालांकि, नोटिस प्राप्त सभी स्कूल अपने जवाब विभाग को सौंप चुके हैं, फिर भी मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है।
प्राइवेट स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदन सिंह परिहार का कहना है कि वे निगरानी के विरोध में नहीं हैं, लेकिन यह प्रक्रिया नियमों के तहत होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि औचक निरीक्षण से स्कूलों के शैक्षणिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ा है।
वहीं, जांच अधिकारी कमलेश्वरी मेहता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से और डीएम के निर्देशों के अनुसार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ।
शिक्षा विभाग का भी कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग अब स्कूलों से मिले जवाबों की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई तय करेगा।



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