भारत बनाएगा 12 हजार करोड़ के हाईटेक ड्रोन, रक्षा शक्ति होगी और मजबूत
नई दिल्ली। भारत अपनी रक्षा क्षमता को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में देश में एक बड़ा स्वदेशी ड्रोन निर्माण प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत नागपुर में अत्याधुनिक ड्रोन और रोबोट बनाने वाली फैक्ट्री स्थापित की जाएगी। इस परियोजना से न केवल भारत की सैन्य ताकत में इजाफा होगा बल्कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को भी नई गति मिलेगी।
यह परियोजना भारत की डिफेंस कंपनी Solar Defence and Aerospace Limited द्वारा शुरू की जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि इस परियोजना के तहत शुरुआती चरण में करीब 1800 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। हालांकि आने वाले तीन से चार वर्षों में इस प्रोजेक्ट का कुल निवेश लगभग 12,800 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यह परियोजना Nagpur में स्थापित की जाएगी और महाराष्ट्र सरकार की मेगा प्रोजेक्ट नीति के तहत अगले दस वर्षों में इसे पूरी तरह विकसित किया जाएगा।
हर साल बनेंगे हजारों ड्रोन और रोबोट
नई फैक्ट्री में हर साल लगभग 10,000 विभिन्न प्रकार के ड्रोन तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा करीब 1000 रोबोट भी बनाए जाएंगे, जो खास तौर पर रक्षा क्षेत्र के लिए डिजाइन किए जाएंगे। ये ड्रोन अलग-अलग मिशनों के लिए बनाए जाएंगे, जिनमें निगरानी, सुरक्षा और युद्ध संबंधी ऑपरेशन शामिल होंगे।
इन ड्रोन की क्षमता भी काफी उन्नत होगी। कंपनी के अनुसार यह ड्रोन 15 किलोमीटर से लेकर लगभग 1000 किलोमीटर तक की दूरी तक काम करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा इनमें अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
युद्ध की रणनीति बदल रही तकनीक
कंपनी के चेयरमैन Satyanarayan Nawal का कहना है कि आधुनिक युद्धों में तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। आज दुनिया में हो रहे संघर्षों से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी ही असली ताकत होगी। इसी सोच के तहत कंपनी ने डीप टेक डिफेंस प्रोजेक्ट में बड़ा निवेश करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का लक्ष्य केवल ड्रोन बनाना ही नहीं है बल्कि रोबोटिक्स और एआई आधारित रक्षा तकनीक को भी विकसित करना है। आने वाले समय में रोबोट भी सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इसलिए कंपनी इस क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दे रही है।
एआई आधारित इंडस्ट्री 5.0 मैन्युफैक्चरिंग
इस परियोजना की एक खास बात यह भी है कि इसे भारत का पहला एआई-पावर्ड इंडस्ट्री 5.0 मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की योजना है। इस प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस रोबोटिक्स और स्मार्ट ऑटोमेशन का व्यापक उपयोग किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि उत्पादन प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ हो।
निगरानी और लंबी दूरी के मिशन के लिए ड्रोन
परियोजना के पहले चरण में कंपनी जिन प्रमुख उत्पादों पर ध्यान देगी उनमें एडवांस पावर ड्रोन शामिल होंगे। इनमें विशेष रूप से मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) श्रेणी के ड्रोन होंगे, जो लंबी दूरी तक उड़ान भरने और कई घंटों तक हवा में रहकर निगरानी मिशन पूरा करने में सक्षम होते हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ड्रोन आधुनिक युद्ध में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनके जरिए सीमाओं की निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और रणनीतिक ऑपरेशन को अंजाम देना आसान हो जाता है।
रक्षा उद्योग के लिए बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना भारत के रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकती है। इससे देश की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और भारत विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम कर सकेगा। इसके साथ ही इस परियोजना से नागरिक और औद्योगिक क्षेत्रों में भी नई तकनीकों का विकास होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, नागपुर में बनने वाली यह हाईटेक फैक्ट्री भारत को ड्रोन और रोबोटिक्स तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



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