उत्तराखंड के 10 शहरों में भूकंप जोखिम का होगा आकलन, सीबीआरआई ने भेजा प्रस्ताव
देहरादून: उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में भूकंप से होने वाले संभावित नुकसान का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को प्रस्ताव भेजा है। इस अध्ययन में देहरादून समेत प्रदेश के 10 महत्वपूर्ण शहरों को शामिल किया जाएगा।
इससे पहले सीबीआरआई ने नैनीताल, मसूरी और कर्णप्रयाग में भूकंप जोखिम का मूल्यांकन किया था। अध्ययन में पाया गया कि इन शहरों के लगभग 80 प्रतिशत भवन भूकंप के प्रति संवेदनशील हैं।
सीबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया के अनुसार, प्रत्येक शहर में लगभग 1100 से 1200 भवनों का सर्वेक्षण किया गया। इसके तहत भवनों की संरचना, मिट्टी की स्थिति, निर्माण सामग्री और भूकंपरोधी तकनीकों के उपयोग का आकलन किया गया।
अध्ययन के दूसरे चरण में यह भी जांचा गया कि रिक्टर स्केल पर विभिन्न तीव्रता के भूकंप आने की स्थिति में भवनों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और जान-माल की कितनी हानि हो सकती है। इसके आधार पर विस्तृत रिस्क मैप (जोखिम मानचित्र) तैयार किया गया।
हाल ही में इस विषय पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस अध्ययन का उद्देश्य भूकंप संभावित क्षेत्रों में आपदा जोखिम को कम करना और सुरक्षित निर्माण को बढ़ावा देना है।



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