साल का पहला चंद्रग्रहण आज, सुबह से सूतक, शाम 6:57 बजे तक प्रभाव
नई दिल्ली/देहरादून। साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को पड़ रहा है, जिसे लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह पूर्ण चंद्रग्रहण है, जो सिंह राशि और मघा नक्षत्र में लगेगा। इस खगोलीय घटना को लेकर प्रदेशभर के मंदिरों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं और सुबह से ही कपाट बंद कर दिए गए हैं।
ज्योतिष गणना के अनुसार चंद्रग्रहण दोपहर 3:27 बजे प्रारंभ होगा और शाम 6:57 बजे समाप्त होगा। ग्रहण से ठीक नौ घंटे पहले यानी सुबह 6:27 बजे से सूतक काल प्रभावी हो गया। सूतक लगते ही मंदिरों में नियमित पूजा-अर्चना रोक दी गई और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई। कई मंदिरों में पहले ही सूचना पट्ट चस्पा कर श्रद्धालुओं को सूचित कर दिया गया था।
धर्माचार्यों का कहना है कि फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर लगने वाला यह ग्रहण विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। आचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह भी दी जाती है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पूर्ण चंद्रग्रहण के समय चंद्रमा का रंग लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे आम बोलचाल में ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना तब होती है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिरों में शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और फिर से नियमित पूजा-अर्चना शुरू होगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे ग्रहण काल में धार्मिक नियमों का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन करें।


Post Comment