‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से किया सीधा संवाद, पेपर लीक मुद्दे पर जताई चिंता
देहरादून: देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगभग 51 मिनट तक छात्रों और युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम में उन्होंने राजनीतिक भाषण देने के बजाय शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा को प्राथमिकता दी।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत पेपर लीक की समस्या से की और कहा कि यह कार्यक्रम राजनीति नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को सामने लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र कई वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं और उनके परिवार भी आर्थिक एवं मानसिक रूप से उनका पूरा सहयोग करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के सपनों और मेहनत पर गंभीर असर डालती हैं।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कुछ छात्रों और प्रभावित परिवारों को मंच पर आमंत्रित किया, जिन्होंने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी गहरी पीड़ा का कारण बनता है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की समस्या के पीछे संगठित तंत्र काम कर रहा है और इस पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाने चाहिए ताकि छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।
पूरे कार्यक्रम का केंद्र छात्रों की समस्याओं, विशेष रूप से पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर रहा। कांग्रेस ने इस आयोजन को युवाओं के साथ संवाद का मंच बताया, जबकि राहुल गांधी ने अपने संबोधन को मुख्य रूप से छात्रों के अनुभवों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर केंद्रित रखा।



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