19 मार्च से शुरू होगा हिंदू नववर्ष, नवरात्र के साथ होगा शुभारंभ
अल्मोड़ा/रानीखेत। ज्योतिषीय गणना के अनुसार हिंदू नववर्ष का शुभारंभ 19 मार्च से होने जा रहा है। चैत्र कृष्ण अमावस्या की समाप्ति के बाद प्रातः लगभग 6:45 बजे शुभ संयोग में नए संवत्सर की शुरुआत होगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद बल्लभ पांडेय के अनुसार इस समय उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, मीन राशि में चंद्रमा और मीन लग्न का विशेष संयोग रहेगा। इस वर्ष विक्रमी संवत्सर का नाम “रौद्र संवत्सर” रखा गया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष ग्रहों के दिव्य मंत्रिमंडल में देवगुरु बृहस्पति को राजा का पद दिया गया है, जबकि मंगल प्रमुख सलाहकार मंत्री होंगे। बृहस्पति को ही वित्त मंत्रालय का दायित्व भी मिला है, वहीं चंद्रमा को रक्षा और सूर्य को कृषि व उद्यान मंत्रालय सौंपा गया है।
बृहत संहिता के अनुसार रौद्र संवत्सर में राजनीतिक मतभेद, युद्ध, महंगाई, भ्रष्टाचार, धार्मिक विवाद और अग्निकांड जैसी स्थितियां बन सकती हैं। हालांकि बृहस्पति के प्रभाव से शांति और संतुलन बनाए रखने के संकेत भी मिलते हैं।
इस वर्ष 17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) रहेगा, जिसमें विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
नववर्ष के साथ ही चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत होगी। 19 मार्च को सुबह सात बजे शुभ मुहूर्त में घटस्थापना के साथ मां जगदंबा की पूजा-अर्चना आरंभ की जाएगी।



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