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आईएमए देहरादून में रचा गया इतिहास: पहली बार नौ महिला सैन्य अधिकारी बनीं भारतीय सेना का हिस्सा

आईएमए देहरादून में रचा गया इतिहास: पहली बार नौ महिला सैन्य अधिकारी बनीं भारतीय सेना का हिस्सा

देहरादून स्थित Indian Military Academy (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) 2026 ने भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। पहली बार अकादमी से प्रशिक्षित नौ महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी के रूप में पासआउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। यह ऐतिहासिक समारोह Droupadi Murmu की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स ने अपनी प्रशिक्षण यात्रा पूरी कर सैन्य जीवन की शुरुआत की। इनमें 481 भारतीय कैडेट तथा 16 मित्र देशों के 34 कैडेट शामिल थे। परेड का आयोजन आईएमए के ऐतिहासिक मैदान में हुआ, जहां कैडेट्स ने अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली और इसे भारतीय सेना में बढ़ती महिला भागीदारी तथा बदलते भारत की तस्वीर का प्रतीक बताया। समारोह में Gurmit Singh, Pushkar Singh Dhami सहित सेना और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

परेड के बाद आयोजित पीपिंग सेरेमनी में नव-नियुक्त अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाई गई। इस वर्ष की परेड विशेष रूप से इसलिए ऐतिहासिक रही क्योंकि पहली बार महिला कैडेट्स को आईएमए से कमीशन प्राप्त हुआ, जो भारतीय सेना में लैंगिक समानता और महिलाओं की बढ़ती भूमिका का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

यह भी उल्लेखनीय है कि किसी महिला राष्ट्रपति द्वारा आईएमए की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का यह दूसरा अवसर था। इससे पहले Pratibha Patil भी इस गौरवशाली समारोह की सलामी ले चुकी हैं।

इस प्रकार, आईएमए की यह पासिंग आउट परेड केवल 515 युवा अधिकारियों के सेना में शामिल होने का अवसर नहीं रही, बल्कि नौ महिला सैन्य अधिकारियों के पासआउट होने के साथ भारतीय सैन्य इतिहास में एक नई और प्रेरणादायक शुरुआत का प्रतीक भी बन गई।

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