बढ़ती गर्मी का असर: टिहरी बांध का जलस्तर न्यूनतम स्तर पर, बिजली उत्पादन प्रभावित
नई टिहरी: उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी और कम बारिश का असर अब Tehri Dam पर साफ दिखाई देने लगा है। बांध की झील का जलस्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे बिजली उत्पादन और जल प्रबंधन दोनों प्रभावित हुए हैं।
झील का जलस्तर घटकर आरएल 742.79 मीटर रह गया है, जो सामान्य अधिकतम स्तर आरएल 830 मीटर से लगभग 88 मीटर कम है। कम वर्षा के कारण Bhagirathi River, Bhilangana River और अन्य सहायक नदियों से बांध में पानी का प्रवाह काफी कम हो गया है।
बिजली उत्पादन में भारी गिरावट
जलस्तर घटने का सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। वर्तमान में THDC India Limited टिहरी बांध से केवल 500 मेगावाट और Koteshwar Dam से 200 मेगावाट बिजली उत्पादन कर पा रही है। जबकि सामान्य दिनों में कुल उत्पादन 1000 से 1200 मेगावाट तक होता है।
स्थिति को देखते हुए टीएचडीसी सुबह और शाम केवल तीन-तीन घंटे के लिए तीन टरबाइन संचालित कर रही है, जबकि सामान्यतः चार टरबाइन चलाए जाते हैं।
पेयजल और सिंचाई की चुनौती
बांध से प्रतिदिन लगभग 140 क्यूमेक्स पानी सिंचाई और पेयजल जरूरतों के लिए छोड़ा जा रहा है। गर्मी के मौसम में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे राज्यों को पानी उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन गया है।
मानसून से उम्मीद
टीएचडीसी के मुख्य महाप्रबंधक R. R. Semwal के अनुसार, गर्मियों में जलस्तर का घटना स्वाभाविक है। मानसून के सक्रिय होने के बाद झील में पानी की आवक बढ़ेगी, जिससे जलस्तर और बिजली उत्पादन दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो जलविद्युत उत्पादन और जल आपूर्ति प्रबंधन पर दबाव और बढ़ सकता है।



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