सबसे लंबे कार्यकाल के राज्यपाल बने गुरमीत सिंह, बोले- अब बच्चों को नशे से बचाना है सबसे बड़ा मिशन
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने प्रदेश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बनने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का 1,755 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए 1,756 दिन का कार्यकाल पूरा करने पर वह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि देवभूमि में संविधान, लोकतंत्र और गरिमा की भावना के साथ सेवा करने का अवसर मिला, जिसे उन्होंने अपने लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों माना।
राज्यपाल ने कहा कि कार्यभार संभालने के पहले दिन से ही उन्होंने पांच प्रमुख मिशनों पर विशेष ध्यान दिया। इनमें रिवर्स पलायन, बागवानी एवं ऑर्गेनिक फार्मिंग, महिला सशक्तीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और तकनीक को बढ़ावा देना तथा मौनपालन, अरोमा, होमस्टे, स्वयं सहायता समूह, मिलेट्स और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में विकास शामिल है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की आत्मा पर्वतीय क्षेत्रों में बसती है और इसी सोच के तहत उन्होंने 57 में से 32 वाइब्रेंट विलेज का स्वयं दौरा किया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आयुष, मौनपालन, अरोमा, मिलेट्स और संस्कृत के क्षेत्र में और अधिक काम किया जाएगा। उनका लक्ष्य आयुर्वेद को 2.0 से 4.0 स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि राजभवन से 27 एआई आधारित एप विकसित किए जा चुके हैं और अब सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी एआई के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि अब उनका सबसे बड़ा संकल्प राज्य के बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता और विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई की भी सराहना की।
अपने नियुक्ति के अनुभव को साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि जब उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया तो उन्होंने सबसे पहले कागज पर ‘इक ओंकार’ लिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उस क्षण उन्हें लगा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारतीय सेना, सिख समाज और पूरे पंजाब का सम्मान है। उन्होंने इसे ईश्वर की प्रेरणा मानते हुए सेवा और जनकल्याण के संकल्प के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने का निर्णय लिया।



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