×

उत्तरकाशी: नवरात्र से पहले मंदिरों में सफाई और सजावट की तैयारियां फीकी, काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में बिखरा कूड़ा; हनुमान मंदिर के रास्ते पर कीचड़ से श्रद्धालु परेशान

उत्तरकाशी: नवरात्र से पहले मंदिरों में सफाई और सजावट की तैयारियां फीकी, काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में बिखरा कूड़ा; हनुमान मंदिर के रास्ते पर कीचड़ से श्रद्धालु परेशान

उत्तरकाशी। शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू होने जा रहे हैं। नवरात्र को लेकर जहां मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, वहीं उत्तरकाशी शहर के प्रमुख मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां अपेक्षित स्तर पर नजर नहीं आ रही हैं। शहर के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह कूड़ा बिखरा हुआ है। वहीं, हनुमान मंदिर की सीढ़ियों पर गंदगी और प्रवेश मार्ग पर पानी का पाइप लीक होने से कीचड़ जमा हो गया है। ऐसे में नवरात्र से पहले मंदिरों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में जगह-जगह बिखरा कूड़ा

शारदीय नवरात्र हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं। नवरात्र के नौ दिनों में मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में मंदिर परिसरों की साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए बेहद जरूरी होती हैं।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

लेकिन उत्तरकाशी शहर के प्रमुख काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में नवरात्र से पहले सफाई व्यवस्था संतोषजनक नजर नहीं आ रही है। मंदिर परिसर के भीतर और बाहर कुछ स्थानों पर कूड़ा बिखरा हुआ है। इससे धार्मिक स्थल की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

मंदिर में प्रतिदिन दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि नवरात्र जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व से पहले मंदिर परिसर की अच्छी तरह सफाई होनी चाहिए थी। मंदिर में दूर-दराज से भी श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। ऐसे में परिसर में कूड़ा बिखरा होना उचित नहीं है। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई कराने तथा कूड़े का समय पर निस्तारण करने की जरूरत बताई है।

हनुमान मंदिर की सीढ़ियों पर गंदगी, प्रवेश मार्ग पर कीचड़

शहर के हनुमान मंदिर में भी सफाई व्यवस्था को लेकर स्थिति बेहतर नजर नहीं आ रही है। मंदिर की सीढ़ियों पर गंदगी दिखाई दे रही है। इसके अलावा मंदिर के प्रवेश मार्ग पर पानी का पाइप लीक होने से पानी फैल रहा है और रास्ते पर कीचड़ की स्थिति बनी हुई है।

इस कारण मंदिर में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रवेश मार्ग पर कीचड़ होने से लोगों को संभलकर गुजरना पड़ रहा है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पाइप की जल्द मरम्मत कराई जानी चाहिए। साथ ही, सीढ़ियों और प्रवेश मार्ग की सफाई कर रास्ते को साफ-सुथरा बनाया जाना चाहिए, ताकि भक्तों को दर्शन के लिए आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।

नवरात्र में बढ़ेगी श्रद्धालुओं की आवाजाही

शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। भक्त पूजा-अर्चना, दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मंदिरों में आते हैं। ऐसे में मंदिर परिसरों में साफ-सफाई, प्रवेश मार्गों की व्यवस्था और कूड़े का उचित निस्तारण बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

नवरात्र के दौरान धार्मिक स्थलों को सजाने और स्वच्छ रखने की परंपरा है। इसके बावजूद उत्तरकाशी के प्रमुख मंदिरों में शुरुआती तैयारियां खास नजर नहीं आ रही हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में कूड़े का बिखरा होना और हनुमान मंदिर के रास्ते पर कीचड़ जमा होना व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।

सफाई और मरम्मत कराने की उठी जरूरत

मंदिरों में रोजाना दर्शन करने पहुंचने वाले भक्तों का कहना है कि नवरात्र शुरू होने से पहले सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मंदिर परिसरों में जमा कूड़े को हटाने, सीढ़ियों की सफाई कराने और प्रवेश मार्ग पर लीक हो रहे पानी के पाइप की मरम्मत करने की आवश्यकता है।

श्रद्धालुओं के अनुसार, धार्मिक पर्व के दौरान मंदिरों में स्वच्छ वातावरण होना चाहिए, जिससे भक्तों को पूजा-अर्चना करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

अब नवरात्र शुरू होने से पहले मंदिरों की सफाई व्यवस्था में कितना सुधार होता है, इस पर श्रद्धालुओं की नजर रहेगी। फिलहाल, शहर के प्रमुख मंदिरों में दिखाई दे रही गंदगी और अव्यवस्थाएं संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जरूरत को उजागर कर रही हैं।

Previous post

ऊधमसिंह नगर में दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत, किसी ने खोया पति तो किसी ने पिता; दो परिवारों में पसरा मातम

Next post

कोटद्वार: बंचूरी क्षेत्र में दो दिन से बिजली गुल, छह महीने से बनी हुई है समस्या; मोबाइल बंद होने से अपनों से संपर्क नहीं कर पा रहे ग्रामीण

Post Comment