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जनगणना अधिनियम 1948: नियम तोड़ने पर कर्मचारियों को जेल, आम जनता पर भी जुर्माना

जनगणना अधिनियम 1948: नियम तोड़ने पर कर्मचारियों को जेल, आम जनता पर भी जुर्माना

देहरादून।  देहरादून से सामने आई जानकारी के अनुसार, देशभर में होने वाली आगामी जनगणना को लेकर सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं। भारत के महापंजीयक द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

📊 जनगणना का शेड्यूल

  • 10 अप्रैल से मकान स्व-गणना (ऑनलाइन पोर्टल के जरिए)
  • 25 अप्रैल से 24 मई तक मकान सूचीकरण और गणना

👨‍💼 अधिकारी-कर्मचारियों के लिए सख्त नियम

जनगणना अधिनियम की धारा-11 के तहत:

  • ड्यूटी से इनकार करने या काम में बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल
  • ₹1000 तक जुर्माना
  • जानबूझकर गलत डेटा तैयार करने, गलत सवाल पूछने या जानकारी लीक करने पर सख्त सजा
  • दस्तावेज छिपाने, नष्ट करने या डेटा में हेरफेर करने पर भी दंड

👥 आम जनता के लिए नियम

धारा 8, 11 और 15 के तहत:

  • गलत जानकारी देने या जवाब देने से इनकार करने पर ₹1000 तक जुर्माना
  • जनगणना अधिकारी को घर में प्रवेश से रोकना दंडनीय
  • घर पर लगाए गए नंबर/चिह्न मिटाना या बदलना अपराध
  • फॉर्म न भरने या गलत जानकारी देने पर जुर्माना
  • जनगणना कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश पर भी कार्रवाई

🎯 उद्देश्य क्या है?

सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना प्रक्रिया पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ संपन्न हो। इसके लिए अधिकारियों और आम नागरिकों—दोनों की जिम्मेदारी तय की गई है।

👉 कुल मिलाकर, इस बार जनगणना में लापरवाही या सहयोग न करने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, ताकि सही और विश्वसनीय डेटा एकत्र किया जा सके।

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