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आठ डॉक्टरों के तबादले से ऋषिकेश उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाओं पर संकट

आठ डॉक्टरों के तबादले से ऋषिकेश उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाओं पर संकट

ऋषिकेश,  पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे राजकीय उपजिला चिकित्सालय को बड़ा झटका लगा है। शासन ने अस्पताल के आठ विशेषज्ञ डॉक्टरों का अन्य जनपदों में स्थानांतरण कर दिया है। हालांकि अधिकांश पदों पर नए चिकित्सकों की तैनाती की गई है, लेकिन फिजिशियन, आर्थोपेडिक सर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पद अभी भी खाली हैं, जिससे मरीजों की उपचार सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

सबसे अधिक चिंता फिजिशियन की कमी को लेकर है। अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज फिजिशियन की ओपीडी में आते हैं। लंबे समय से वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अमित रौतेला ही यहां सेवाएं दे रहे थे, लेकिन उनके हरिद्वार तबादले के बाद अस्पताल में कोई फिजिशियन नहीं बचा है। इसका असर हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, श्वास रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज पर पड़ सकता है।

इसी तरह आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रामकुमार के बागेश्वर स्थानांतरण के बाद भी उनकी जगह कोई विशेषज्ञ नियुक्त नहीं किया गया है। इससे दुर्घटना, हड्डी टूटने और जोड़ संबंधी समस्याओं वाले मरीजों को एम्स या देहरादून के अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है। वहीं त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय नैथानी के स्थान पर भी किसी नए डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है।

सामाजिक कार्यकर्ता भुवनेश्वर प्रसाद भारद्वाज ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता उसी अनुपात में नहीं बढ़ाई जा रही है। उनका कहना है कि आवश्यक विशेषज्ञों की तत्काल नियुक्ति मरीजों के हित में बेहद जरूरी है।

स्थानांतरित चिकित्सकों में शामिल हैं:

  • डॉ. उत्तम खरोला (सीएमएस) – हरिद्वार
  • डॉ. अमित रौतेला (फिजिशियन) – हरिद्वार
  • डॉ. रामकुमार (आर्थोपेडिक सर्जन) – बागेश्वर
  • डॉ. निधि उपाध्याय (स्त्री रोग विशेषज्ञ) – डोईवाला
  • डॉ. रोहित उपाध्याय (बाल रोग विशेषज्ञ) – डोईवाला
  • डॉ. विकास घिल्डियाल (बाल रोग विशेषज्ञ) – कोरोनेशन अस्पताल, देहरादून
  • डॉ. ऊषा अरुण (महिला चिकित्साधिकारी) – कोरोनेशन अस्पताल, देहरादून
  • डॉ. अजय नैथानी (त्वचा रोग विशेषज्ञ) – रुद्रप्रयाग

अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद सिंह राणा ने बताया कि अधिकांश डॉक्टरों के स्थान पर नए चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी गई है, लेकिन फिजिशियन और हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद अभी खाली हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

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