सूखने के कगार पर बदरीश झील, PMO ने लिया संज्ञान; अक्तूबर में पीएम मोदी के दौरे की चर्चा
चमोली। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही बदरीश झील इन दिनों सूखने के कगार पर पहुंच गई है। लगातार बारिश के बावजूद झील का जलस्तर नहीं बढ़ने के मामले का प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने संज्ञान लिया है।
सैटेलाइट तस्वीरों के अवलोकन में झील में पानी की मात्रा कम और बड़ी मात्रा में गाद जमा होने की स्थिति सामने आई है। इसके बाद PMO ने शासन से झील के जलस्तर में कमी के कारणों की जानकारी मांगी है और झील की सफाई के निर्देश दिए हैं। PMO के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन की ओर से बनारस की एक विशेषज्ञ संस्था के माध्यम से झील की सफाई का कार्य कराया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों से झील के प्राकृतिक जलस्रोतों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ा है। प्रशासन का मानना है कि जलस्रोतों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही झील में पानी कम होने के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।
इधर, आगामी अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बदरीनाथ धाम आने की चर्चाओं के बीच प्रशासन भी तैयारियों में जुटा है। हालांकि जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री के दौरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि प्रस्तावित दौरे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाई जा रही है।



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