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हरिपुर कालसी में मां यमुना की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण, नए घाटों का लोकार्पण

हरिपुर कालसी में मां यमुना की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण, नए घाटों का लोकार्पण

विकासनगर (देहरादून)। विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को हरिपुर कालसी में मां यमुना की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान नवनिर्मित यमुना घाटों का लोकार्पण भी किया गया। शाम को यमुना तट पर 2100 दीप जलाए गए और भव्य महाआरती का आयोजन हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिपुर-कालसी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए क्षेत्र के पौराणिक स्वरूप को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया गया था। सरकार स्थानीय लोक पंचायत जमुना तीर्थ समिति के साथ मिलकर हरिपुर के पुराने वैभव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

ऐतिहासिक पहचान को विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री के अनुसार, हरिपुर क्षेत्र का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व व्यापक है। प्राचीन समय में यहां मंदिर, धाम और धर्मशालाएं होने का उल्लेख मिलता है। क्षेत्र में सम्राट अशोक से संबंधित शिलालेख भी मौजूद है। उन्होंने हरिपुर को यमुना, तमसा, नोर और अमलावा नदियों के संगम से जुड़ा क्षेत्र बताया।

उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में इस क्षेत्र को बुधपुरी के नाम से जाना जाता था और इसका संबंध महर्षि वेदव्यास से भी जोड़ा जाता है। ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांत और कुलिंद जनपद की राजधानी के रूप में क्षेत्र की पहचान इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती है।

हनोल और लाखामंडल के विकास की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। हनोल को मास्टर प्लान के तहत विकसित करने के लिए करीब 120 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि लाखामंडल क्षेत्र को भी भविष्य में आध्यात्मिक गलियारे के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके माध्यम से जौनसार-बावर के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक पर्यटन परिपथ से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन से रोजगार की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना घाटों और धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध होने की संभावना है। उन्होंने क्षेत्र में होमस्टे और होटल जैसी पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की भी बात कही।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी कई आरोप लगाए और धार्मिक स्थलों तथा घाटों के विकास को लेकर उसकी आलोचना की। उन्होंने सरकार के कामकाज को लेकर अपनी उपलब्धियां गिनाईं।

2100 दीपों से रोशन हुआ यमुना तट

शाम को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री, साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने यमुना तट पर 2100 दीप प्रज्वलित किए। इसके बाद परमार्थ निकेतन आश्रम के आचार्य दीपक शर्मा के निर्देशन में बटुकों ने ऋषिकेश और हरिद्वार की तर्ज पर यमुना की सांध्यकालीन महाआरती संपन्न कराई।

महाआरती के दौरान पूरा घाट जयकारों से गूंज उठा। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को यमुना को प्रदूषण मुक्त रखने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

 

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