उत्तराखंड में लागू होगा नया अग्नि सुरक्षा कानून, लापरवाही पर सील होंगे भवन और लगेगा भारी जुर्माना
गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार नया अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 लाने जा रही है। विधानसभा सत्र के पहले दिन यह विधेयक सदन में पेश किया गया। इसके तहत भवनों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) अनिवार्य करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
नए विधेयक के तहत वर्तमान में लागू उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा, अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा अधिनियम, 2016 को निरस्त कर नया कानून लाने का प्रस्ताव है।
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इन भवनों के लिए फायर एनओसी होगी अनिवार्य
प्रस्तावित कानून के तहत अलग-अलग प्रकार के भवनों के लिए ऊंचाई और क्षेत्रफल के आधार पर फायर एनओसी लेना जरूरी होगा।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
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आवासीय भवन: 12 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई अथवा 500 वर्गमीटर या अधिक आच्छादित क्षेत्रफल वाले भवन।
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होटल, होम स्टे और रिसॉर्ट: नौ मीटर या उससे अधिक ऊंचाई अथवा 500 वर्गमीटर या अधिक फर्श क्षेत्रफल वाले भवन।
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स्कूल और कॉलेज: नौ मीटर या उससे अधिक ऊंचाई अथवा 500 वर्गमीटर से अधिक फर्श क्षेत्रफल वाले भवन।
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अस्पताल और नर्सिंग होम: नौ मीटर से अधिक ऊंचाई अथवा 1,000 वर्गमीटर या अधिक फर्श क्षेत्रफल वाले भवन।
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दफ्तर, बैंक, आईटी पार्क और मॉल: 10 से 12 मीटर ऊंचाई वाले भवन।
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गोदाम: 250 वर्गमीटर से बड़े गोदाम।
गंभीर लापरवाही पर भवन खाली कराकर किया जाएगा सील
विधेयक में अग्नि सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर अग्निशमन विभाग को परिसर खाली कराने और भवन सील करने का अधिकार देने का प्रावधान है।
इसका उद्देश्य ऐसे भवनों में आग लगने की आशंका को कम करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जहां अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए गए हैं।
सुरक्षा नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना
प्रस्तावित कानून के अनुसार, अग्नि सुरक्षा के आवश्यक उपाय नहीं करने पर 10 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जुर्माना या आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कुल लागत का 1.5 गुना तक दंड लगाया जा सकेगा।
इसके अलावा, यदि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन या गंभीर लापरवाही के कारण आग लगने से किसी की मृत्यु होती है या गंभीर चोट पहुंचती है, तो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अग्निकांड की झूठी सूचना देने पर भी होगी कार्रवाई
नए विधेयक में अग्निकांड की झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इससे अग्निशमन सेवाओं के संसाधनों के अनावश्यक इस्तेमाल को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।




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