केदारताल ट्रैक हादसा: रेस्क्यू अभियान में चार शव बरामद, हेलिकॉप्टर से मातली पहुंचाए गए; चार लापता ट्रैकर्स की तलाश जारी
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स और उनके साथ गए सपोर्टिंग स्टाफ की तलाश में चलाया जा रहा सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। बुधवार को अभियान के दौरान बरामद किए गए चार शवों को हेलिकॉप्टर की मदद से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया। इसके बाद सभी शवों को जिला अस्पताल ले जाया गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और अन्य बचाव दल शेष लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
प्रशासन के अनुसार, केदारताल ट्रैक पर फंसे लोगों की तलाश के लिए मौसम अनुकूल होने पर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मंगलवार को भी सर्च अभियान के दौरान एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद किया गया था। इसके बाद बुधवार को चार शव हेलिकॉप्टर के माध्यम से मातली लाए गए। बरामद शवों में दो पुरुष और एक महिला शामिल होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में शवों की कुल संख्या और बुधवार को बरामद शवों के विवरण में अंतर दिखाई देता है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
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27 अक्तूबर को गंगोत्री से रवाना हुआ था 13 सदस्यीय दल
जानकारी के अनुसार, बीते 27 अक्तूबर को सात ट्रैकर्स और छह सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 सदस्यों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। दल को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वापस लौटना था, लेकिन रास्ते में मौसम खराब होने के कारण परिस्थितियां बिगड़ गईं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
क्षेत्र में भारी बर्फबारी होने और ग्लेशियर के कारण ट्रैक का रास्ता अवरुद्ध हो गया। इसके चलते दल के सदस्य निर्धारित समय पर वापस नहीं लौट सके। काफी समय तक दल से संपर्क और उनकी वापसी नहीं होने पर प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद लापता सदस्यों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
प्रशासन के समन्वय से एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, वन विभाग और संबंधित ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें अभियान में शामिल हुईं। सभी एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ दुर्गम क्षेत्र में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।
कच्ची ढांग के पास चलाया गया सर्च ऑपरेशन
रेस्क्यू अभियान के दौरान केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के समीप फंसे ट्रैकर्स की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया गया। मंगलवार को मौसम कुछ अनुकूल होने के बाद करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर एसडीआरएफ और निम की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
इस दौरान टीम को एक महिला और एक पुरुष का शव मिला। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भी दो शव बरामद होने की पुष्टि की थी। इसके बाद बुधवार को भी अभियान जारी रखा गया और बरामद शवों को हेलिकॉप्टर की सहायता से मातली हेलीपैड तक पहुंचाया गया।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में सड़क मार्ग से पहुंचना बेहद कठिन होने के कारण हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है। शवों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।
एसडीआरएफ और निम की टीमें संयुक्त रूप से चला रहीं अभियान
एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में रेस्क्यू टीमें अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। अभियान के दौरान खराब मौसम, भारी बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां लगातार चुनौती बनी हुई हैं।
इसके बावजूद बचाव दल के जवान अलग-अलग संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रहे हैं। शेष लापता लोगों का पता लगाने के लिए सर्च अभियान को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
लाइफ सपोर्ट सामग्री के साथ केदारखड़क भेजी जाएगी अतिरिक्त टीम
रेस्क्यू अभियान को मजबूती देने के लिए एसडीआरएफ की ओर से एक अतिरिक्त टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि अतिरिक्त टीम अपने साथ रसद और अन्य आवश्यक लाइफ सपोर्ट सामग्री लेकर केदारखड़क रवाना होगी।
इससे पहले से अभियान में जुटी टीमों को राहत और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। निम और एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से शेष लापता लोगों की तलाश जारी रखेंगी।
मौसम और दुर्गम रास्ते बन रहे बड़ी चुनौती
केदारताल क्षेत्र समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है। यहां मौसम तेजी से बदलता है और भारी बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं। ग्लेशियर और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के चलते बचाव दल को भी काफी सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ रहा है।
फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों का पूरा ध्यान शेष लापता ट्रैकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ का पता लगाने पर है। अतिरिक्त टीम और लाइफ सपोर्ट सामग्री पहुंचने के बाद अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है। दुर्गम परिस्थितियों के बीच बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है।




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