कांग्रेस में गुटबाजी से बढ़ी मुश्किलें, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर बढ़ा दबाव
देहरादून। देहरादून में कांग्रेस पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी ने संगठन की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को जहां विपक्षी हमलों का जवाब देना चाहिए, वहीं उन्हें अपने ही नेताओं के बीच चल रही खींचतान को संभालने में ऊर्जा लगानी पड़ रही है।
पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं, लेकिन आंतरिक एकजुटता की कमी इन उम्मीदों पर असर डाल सकती है। वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। कुछ नेता हरीश रावत के समर्थन में हैं, जबकि अन्य गुट अलग रुख अपनाए हुए हैं।
नवंबर 2025 में हाईकमान द्वारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद गोदियाल के नेतृत्व से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा था, लेकिन अब तक वे अपनी पूरी कार्यकारिणी टीम घोषित नहीं कर पाए हैं। इसकी एक बड़ी वजह नेताओं के बीच चल रही खींचतान और अपने-अपने समर्थकों को पद दिलाने की कोशिश मानी जा रही है।
हाईकमान भी संतुलित और छोटी कार्यकारिणी बनाना चाहता है, जिससे सभी गुटों को साधना आसान नहीं हो पा रहा है। इस वजह से कार्यकारिणी गठन का निर्णय लगातार टलता जा रहा है।
इस स्थिति को देखते हुए गणेश गोदियाल ने पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सभी मतभेद पार्टी के भीतर सुलझाए जाएं और एकजुट होकर चुनाव की तैयारी की जाए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी।



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