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उत्तराखंड के चार हजार सार्वजनिक उपक्रमों की जानकारी होगी सार्वजनिक, 17 बिंदुओं पर देना होगा ब्योरा

उत्तराखंड के चार हजार सार्वजनिक उपक्रमों की जानकारी होगी सार्वजनिक, 17 बिंदुओं पर देना होगा ब्योरा

देहरादून। उत्तराखंड में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों एवं संस्थाओं के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रदेश के करीब चार हजार सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थाओं को अब सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अपनी प्रमुख जानकारियां जनता के सामने सार्वजनिक करनी होंगी।

सभी संबंधित संस्थाओं को 17 बिंदुओं पर आधारित एक मैनुअल तैयार करना होगा। इसे अपनी वेबसाइट के साथ-साथ नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। मैनुअल में संस्था के गठन का उद्देश्य, उसके कार्य, स्थायी एवं अस्थायी कर्मचारियों की संख्या, उन्हें दिए जाने वाले मासिक वेतन समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल करनी होंगी।

हर साल अपडेट करनी होगी जानकारी

सार्वजनिक उपक्रमों को मैनुअल में दी गई सूचनाओं को प्रत्येक वर्ष अपडेट करना होगा। इसका उद्देश्य सरकारी और सार्वजनिक संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना है।

15 फरवरी 2027 तक देनी होगी ऑडिट रिपोर्ट

मैनुअल व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य की दो निजी संस्थाओं को ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये संस्थाएं सभी सार्वजनिक उपक्रमों का निरीक्षण करेंगी और मैनुअल की हार्ड या सॉफ्ट कॉपी के साथ अपनी ऑडिट रिपोर्ट 15 फरवरी 2027 तक उत्तराखंड सूचना आयोग को सौंपेंगी।

जिन संस्थाओं का ऑडिट निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरेगा, उनके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सूचना आयोग ऐसे मामलों की रिपोर्ट संबंधित उच्च संस्थानों को भी भेज सकता है।

मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने कहा कि कई बार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे आम लोगों के काम में अनावश्यक देरी होती है। मैनुअल के सार्वजनिक होने से विभागीय कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जिम्मेदारियों में पारदर्शिता आएगी तथा जनता के कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

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