गैस संकट का असर: देहरादून में डीजल भट्ठियों का बढ़ा इस्तेमाल, हलवाईयों ने अपनाए नए विकल्प
देहरादून: व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कमी का असर अब स्थानीय कारोबार पर साफ दिखने लगा है। खासकर मिठाई और स्ट्रीट फूड कारोबारियों को गैस संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने वैकल्पिक ईंधन अपनाना शुरू कर दिया है।
शहर में एक प्रमुख मिठाई ब्रांड ने सबसे पहले राजस्थान से डीजल भट्ठी मंगाकर इसका प्रयोग किया। इसके सफल रहने के बाद अब तक 24 से अधिक डीजल भट्ठियां विभिन्न दुकानों में पहुंच चुकी हैं और उनका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि ये भट्ठियां व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की तुलना में अधिक किफायती साबित हो रही हैं।
परंपरागत रूप से हलवाई कोयला और लकड़ी की भट्ठियों का भी इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन इनका संचालन कठिन होता है। एक बार गर्म होने के बाद इन्हें तुरंत नियंत्रित या बंद करना मुश्किल होता है। इसके विपरीत, डीजल और गैस भट्ठियां जरूरत के अनुसार आसानी से नियंत्रित की जा सकती हैं।
जानकारी के मुताबिक, एक डीजल भट्ठी को 10–11 घंटे तक चलाने में लगभग 20 लीटर डीजल खर्च होता है, जबकि उतने समय में दो से अधिक गैस सिलिंडरों की आवश्यकता पड़ती है। कारोबारियों का दावा है कि यह विकल्प न केवल सस्ता है, बल्कि अपेक्षाकृत सुरक्षित और कम प्रदूषणकारी भी है।
गैस संकट के चलते व्यापारियों को नए विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों के बीच संतुलन बनाते हुए काम जारी रखा जा रहा है



Post Comment