सड़क न होने से बीमार महिला को 11 किलोमीटर डंडी-कंडी पर ले गए ग्रामीण
उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड के हिमाचल सीमा से सटे सेवा गांव में सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को एक बीमार महिला को डंडी-कंडी के सहारे 11 किलोमीटर पैदल ले जाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा। इस घटना ने क्षेत्र में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं की बदहाल स्थिति को फिर उजागर कर दिया है।
गांव निवासी खंतरा देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार, उल्टी-दस्त की शिकायत थी और उनके पैरों ने भी काम करना बंद कर दिया था। स्थिति गंभीर होने पर ग्रामीणों ने तुरंत डंडी-कंडी तैयार की और उन्हें संकरे व खतरनाक पहाड़ी रास्ते से पैदल धौला तक पहुंचाया।
ग्रामीणों के अनुसार सेवा गांव से धौला तक करीब 11 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। रास्ता बेहद संकरा और खड़ी पहाड़ियों से होकर गुजरता है, जिससे मरीज को ले जाना जोखिम भरा रहता है।
धौला पहुंचने के बाद महिला को वाहन से मोरी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। गांव में सड़क सुविधा न होने के कारण हर बार बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इसी तरह डंडी-कंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। बरसात के मौसम में गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि धौला से सेवा गांव तक सड़क निर्माण का कार्य करीब दस वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। इस कारण गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
वहीं सुभाष दौरियाल ने बताया कि सेवा गांव सड़क निर्माण का कार्य जारी है और इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है



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