अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए नई नियमावली जारी, 15% शर्त पर उठे सवाल
देहरादून, 9 जून 2026। उत्तराखंड सरकार ने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता और नवीनीकरण के लिए नई नियमावली जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उसकी जगह उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। यह प्राधिकरण मदरसों सहित सभी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता प्रदान करेगा।
नियमावली के अनुसार, मान्यता प्राप्त करने या उसका नवीनीकरण कराने के इच्छुक संस्थानों को प्राधिकरण के वेब पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा निर्धारित शुल्क भी ऑनलाइन जमा करना होगा।
नई नियमावली में एक महत्वपूर्ण शर्त जोड़ी गई है। इसके तहत संस्थानों को यह घोषणा करनी होगी कि पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों में प्रत्येक वर्ष गैर-अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों की संख्या कुल नामांकन का 15 प्रतिशत से अधिक नहीं रही है। यह शर्त मान्यता नवीनीकरण के लिए अनिवार्य होगी।
हालांकि इस प्रावधान को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मदरसों को छोड़कर सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय द्वारा संचालित कई अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में 85 प्रतिशत अल्पसंख्यक छात्र नहीं होते हैं। ऐसे में नई शर्त के कारण इन संस्थानों के लिए मान्यता नवीनीकरण की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। वहीं, संबंधित संस्थान इस नियम के व्यावहारिक प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं जता रहे हैं।


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