×

नगरासू गुरुद्वारा विवाद: सेवादार रिहा, एक और निहंग नीचे उतरा, पांच अब भी अंदर

नगरासू गुरुद्वारा विवाद: सेवादार रिहा, एक और निहंग नीचे उतरा, पांच अब भी अंदर

रुद्रप्रयाग, 22 जून 2026: नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से शुरू हुआ विवाद रविवार शाम कुछ हद तक शांत हो गया। प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद गुरुद्वारे में बंधक बनाए गए सेवादार नवतेज सिंह को रिहा कर दिया गया, जबकि एक निहंग परमवीर सिंह भी नीचे उतर आया। इसके बावजूद पांच निहंग अभी भी गुरुद्वारे के अंदर मौजूद हैं और उनसे वार्ता जारी है।

विवाद की शुरुआत शनिवार शाम उस समय हुई जब हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए सात निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए और कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग करने लगे। प्रशासन और पुलिस ने लगातार बातचीत की, लेकिन शुरुआती दौर में कोई समाधान नहीं निकल सका।

रविवार शाम प्रशासन की पहल पर स्थिति में सुधार आया। सेवादार को मुक्त कर दिया गया और कुछ निहंग नीचे उतर आए। इसके बाद गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही, अरदास और लंगर सेवा फिर से शुरू हो गई।

गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने बताया कि विवाद की शुरुआत लंगर के दौरान प्रबंध समिति और निहंगों के बीच हुए मतभेद से हुई थी। निहंगों को लगा कि उनके खिलाफ पुलिस बुलाई गई है, जिसके बाद तनाव बढ़ गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निहंगों का विवाद न तो जनता से था और न ही पुलिस से। सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

इस बीच, गृह सचिव शैलेश बगोली ने चेतावनी दी है कि मामले को सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए हैं और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा चारधाम सेल को हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा।

कुल मिलाकर, 27 घंटे तक चले तनावपूर्ण गतिरोध के बाद स्थिति काफी हद तक सामान्य हुई है, हालांकि गुरुद्वारे के अंदर मौजूद शेष पांच निहंगों से प्रशासन की बातचीत अभी जारी है।

Post Comment