उत्तराखंड में आज भी भारी बारिश का रेड अलर्ट, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा; 12 जिलों में स्कूल बंद
देहरादून। उत्तराखंड में सोमवार को भी भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल ने राज्य के कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और जलभराव का खतरा जताया है।
मौसम विभाग के अनुसार लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों की मिट्टी पहले से ही पूरी तरह संतृप्त हो चुकी है। ऐसे में तेज बारिश होने पर सतही जल प्रवाह बढ़ने, निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की आशंका है। भूस्खलन की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी विभागाध्यक्षों, विभागीय नोडल अधिकारियों, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनें, राहत एवं बचाव उपकरण, आवश्यक मानव संसाधन और अन्य संसाधनों की अग्रिम तैनाती करने को कहा गया है।
भारी बारिश के मद्देनजर बागेश्वर को छोड़कर राज्य के 12 जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। यह निर्णय विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 20 जुलाई के लिए रेड अलर्ट और 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस अवधि में कई स्थानों पर भारी वर्षा, भूस्खलन, जलभराव और नदी-नालों के उफान की स्थिति बन सकती है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपदा या अप्रिय घटना की सूचना तुरंत जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) को दी जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार स्थिति की निगरानी करें ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा अन्य जोखिम वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें।



Post Comment