×

उत्तराखंड में भारी बारिश: चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, 98 सड़कें बंद

उत्तराखंड में भारी बारिश: चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित, 98 सड़कें बंद

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौसम और यात्रा मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए और हालात सामान्य होने तक आगे न बढ़ने दिया जाए।

अब तक 45 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा में अब तक लगभग 45 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें बदरीनाथ धाम में 15.22 लाख, केदारनाथ में 14.15 लाख, गंगोत्री में 7 लाख, यमुनोत्री में 6.47 लाख तथा हेमकुंड साहिब में 2.08 लाख श्रद्धालु शामिल हैं। हालांकि, लगातार बारिश के कारण हाल के दिनों में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।

बारिश से जनजीवन प्रभावित

प्रदेशभर में सक्रिय मानसून के चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। देहरादून के निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई कॉलोनियों में पानी घरों तक पहुंच गया, जबकि सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा। पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और उफनते नदी-नालों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

98 सड़कें बंद

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में एक राष्ट्रीय राजमार्ग, दो राज्य राजमार्ग और कुल 98 सड़कें बंद हो गई हैं। देहरादून-मसूरी मार्ग पर भूधंसाव के कारण यातायात रोक दिया गया है। चमोली जिले में सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग भी मलबा आने से बंद है। इसके अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल, टिहरी, चंपावत और उत्तरकाशी सहित कई जिलों की ग्रामीण सड़कें भी बाधित हैं।

कई क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार किच्छा में 130 मिमी, मालदेवता (देहरादून) में 103 मिमी, ऊखीमठ में 77 मिमी, हाथीबड़कला और खटीमा में 75-75 मिमी तथा अल्मोड़ा में 52 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

नदियों का जलस्तर बढ़ा

लगातार बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। उत्तरकाशी में भागीरथी, बदरीनाथ में अलकनंदा, नंदकेसरी में पिंडर, देवप्रयाग में गंगा, ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

प्रशासन ने नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाएं।

Previous post

यूकेएसएसएससी सहायक कृषि अधिकारी भर्ती: नया सिलेबस जारी, एआई और रोबोटिक्स से जुड़े प्रश्न भी होंगे शामिल

Next post

भारी बारिश से देहरादून–मसूरी मार्ग क्षतिग्रस्त, अग्रिम आदेशों तक वाहनों की आवाजाही बंद

Post Comment