नई टिहरी एपीएचसी में घटती मरीज संख्या, सुविधाएं होने के बावजूद नहीं बढ़ रही ओपीडी
नई टिहरी स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) में मरीजों की संख्या लगातार कम बनी हुई है। पर्याप्त स्टाफ और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद यहां प्रतिदिन औसतन केवल 15 से 20 मरीज ही ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
एक समय यह केंद्र नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य सुविधा केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब लोगों का रुझान कम हो गया है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि बीते वर्षों में लंबे समय तक डॉक्टर का पद खाली रहने के कारण लोगों का भरोसा इस केंद्र से उठ गया। अब स्टाफ की नियुक्ति होने के बावजूद लोग सीधे बौराड़ी स्थित जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं।
नई टिहरी शहर के निर्माण के दौरान 1990 के दशक में इस एपीएचसी की स्थापना की गई थी। हालांकि वर्ष 2005 में बौराड़ी में जिला अस्पताल शुरू होने के बाद से इस केंद्र का महत्व धीरे-धीरे कम होता गया। कम दूरी के कारण अधिकांश मरीज अब जिला अस्पताल में ही उपचार कराना बेहतर समझते हैं।
वर्तमान में एपीएचसी में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्सिंग स्टाफ सहित अधिकांश पद भरे हुए हैं और यहां आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी संचालित हो रहा है। इसके बावजूद मरीजों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है। आमतौर पर आसपास के लोग केवल सामान्य बीमारी या आपात स्थिति में ही यहां पहुंचते हैं।
प्रभारी सीएमओ डॉ. चंदन मिश्रा के अनुसार, जिला अस्पताल बौराड़ी के नजदीक होने के कारण एपीएचसी में सीमित संख्या में मरीज आ रहे हैं। हालांकि, यहां शिशुओं का टीकाकरण नियमित रूप से किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्यकर्मियों को अन्य सेवाओं के लिए भी भेजा जाता है।



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